What is digital Marketting ?
डिजिटल मार्केटिंग क्या है ?
आम भाषा में प्रोडक्ट या सर्विस को बेचना सेल्स कहलाता है और अपने प्रोडक्ट की Features या विशेषताओ को उपभोक्ता (Consumer) तक पहुँचाना मार्केटिंग कहलाता है। अगर आप अपने प्रोडक्ट या सर्विसेस को डिजिटल माध्यम जैसे इंटरनेट, Web Site और सोशल मीडिया (Facebook / Twitter / Instagram / Youtube) के द्वारा आम लोगों तक पहुँचाते है तो उसे डिजिटल मार्केटिंग कहते है।
डिजिटल मार्केटिंग से पहले प्रिंट मीडिया जैसे न्यूज़ पेपर / पत्रिका / पम्पलेट्स / होल्डिंग्स , टीवी मीडिया आदि का प्रयोग Advertisement या विज्ञापन के लिए होता था। इसका सबसे बड़ा नुक्सान ये था, के इस मीडिया के द्वारा Product Positioning के बारे में पता नहीं चलता था।
Product Positioning का मतलब होता है के आप अपने जिस प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रहे है वो प्रोडक्ट किसके लिए है ? किस उम्र के लिए है ? किस Area या Location के लिए है ? क्या आप अपने प्रोडक्ट की सारी विषेशताओं को अपने consumers तक पहुँचा पा रहे हैं ?
मान लीजिये आप साड़ी के विक्रेता है और भारत--पाकिस्तान के क्रिकेट मैच में आपका विज्ञापन टीवी मीडिया पर आता है, जहाँ 90% बच्चे और पुरुष होते हैं, जो साड़ी नहीं पहनते हैं। अर्थात आपके विज्ञापन का खर्च बर्बाद जाता है। आपके साड़ी का विज्ञापन पंजाब / हरयाणा जैसे राज्यों में दिखाया जाता जहाँ साड़ियों बहुत कम पहनी जाती हैं। तो आपको विज्ञापन से फ़ायदा नहीं होने वाला है।
लेकिन डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा आप अपने साड़ी का विज्ञापन सिर्फ उसको दिखा सकते है जिसको साड़ी की आवश्कता है। जिन राज्यों में साड़ी का उपयोग ज्यादा होता है। आप अपना विज्ञापन केवल वही Target कर सकते हैं।
कितने Consumers आपका प्रोडक्ट देख रहे हैं ? वो किस उम्र के हैं ? उनकी Location क्या है? कौन सा प्रोडक्ट सबसे अधिक देखा जा रहा है? कितने लोग आपके प्रोडक्ट को आपस में शेयर कर रहे है ? ये सभी जानकारी आपको केवल डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा ही मिल सकती है।
और सबसे बड़ी उपलब्धि डिजिटल मार्केटिंग की Feedback प्रणाली है। न्यूज़ पेपर और टीवी मीडिया One Way माध्यम है, अर्थात आप अपना विज्ञापन केवल दिखा सकते है। किन्तु उस प्रोडक्ट में क्या कमियाँ है क्या खासियत है, ये Consumers की प्रतिक्रिया (Feedback) आपको कभी नहीं मिल सकती है। लेकिन डिजिटल मार्केटिंग के द्वारा आपको अपने प्रोडक्ट की खामियाँ और खूबियाँ Consumers के प्रतिक्रिया (Feedback) से मिल जाती है और आप अपने Consumers के अनुसार अपने प्रोडक्ट की रूप-रेखा, डिज़ाइन, कीमत और Size को बदल सकते हैं। या यूँ कहे के आप अपने प्रोडक्ट को उपभोक्ता के अनुसार बना सकते है। जब प्रोडक्ट उपभोक्ता के मन मुआफ़िक होगा तो उसको सफ़ल होने से कोई नहीं रोक सकता है।
" दुनिया का सबसे आसान काम सेल्स और मार्केटिंग है,
अगर आपको आता है तो !! "
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Samiul H Siddique

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